सच्चे प्यार की एक ऐसी कहानी जो आपके दिल को छू लेगी – इसे एक बार पढके जरुर देखें

सच्चे प्यार की एक ऐसी कहानी जो आपके दिल को छू लेगी – इसे एक बार पढके जरुर देखें – नमस्कार दोस्तों, आज मैं आपके सामने कुछ ऐसा लेकर आया हूँ जो अवश्य ही आपको इतना पसंद आएगा कि आप इस पोस्ट को लाइक करने से अपने आपको रोक नहीं पाओगे। इस पोस्ट में आपको कुछ ऐसे दौर से गुजरना पड़ेगा जिसमे से आपको दो चीजों में से किसी एक को चुनना है।

दोस्तों जिन्दगी में ऐसे कई मोड़ आते है जब इन्सान अपने आपको घिरा हुआ महशुश करता है और उसे दो या दो से ज्यादा रास्तों मे से कोई एक रास्ता चुनना पड़ता है। लेकिन जब कोई ऐसी कन्डीशन आ जाएं कि आपको अपने दो प्रिय जनों में से किसी एक को चुनना पड़े तो आप क्या करेंगे। यहीं सिखाने का काम करती है ये नीचे दी गई कहानी. इसे पूरा जरुर पढ़ें…

एक समय की बात है। एक लडका था। वो हर दिन शाम के समय मन्दिर जाता था। एक दिन उसे मन्दिर में एक ऐसी लडकी मिली जिससे वो प्यार करने लगा। सौभाग्य से वो लडकी किसी दुसरे शहर से आई थी और वह उसके घर के पास ही रहती थी। उस दिन के बाद वो लडकी भी हर रोज मन्दिर जाने लगी। एक दिन उस लडके ने लडकी को प्रपोज किया और उस लडकी से कहा कि मै तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ।

उस लड़की ने कहा – तुम कैसे शाबित कर सकते हो कि तुम मुझसे सच्चा प्यार करते हो?
लड़का बोला – मैं तुम्हारे लिए अपनी जान भी दे सकता हूँ।
लड़की बोली – ठीक है, यदि तुम मुझे सच्चा प्यार करते हो तो जब मैं तुम्हें बुलाऊंगी तुम्हें मुझसे मिलने आना पड़ेगा।
लड़का बोला – मुझे मंजूर है।

इतनी बातें होने के बाद वो लड़का उस लड़की को एक अंगूठी पहनाने लगा। उस लड़की ने उस समय अंगूठी पहनने से इंकार कर दिया और बोली – मैं यह अंगूठी उस समय पहनूंगी जब मुझे तुम्हारे प्यार पर विश्वास हो जाएगा।

अगले दिन लड़का उस लड़की के घर के पास से गुजर रहा था तभी उस लड़की ने कहा कि मैं अब मंदिर जा रही हूँ और ठीक आधे घंटे बाद तुम्हें मेरी नजरों के सामने देखना चाहती हूँ। यदि तुम वास्तव में मुझसे सच्चा प्यार करते हो तो समय पर मंदिर पहुँच जाना।

इतनी छोटी सी शर्त सुनकर लड़का खुश हुआ और ठीक समय पर मंदिर पहुचने का वादा करके अंगूठी लेने के लिए अपने घर की तरफ चल दिया। उस लड़के ने रास्ते में सोचा कि मैं आज उसे मेरे प्यार पर विश्वास दिला दूंगा और इस प्यार की निशानी की अंगूठी उस लड़की की ऊँगली में पहना दूंगा।

घर पहुँचते ही उसने देखा की उसकी माँ बहुत बिमार है। उसके पिता ने उसे जल्दी डोक्टर बुलाकर ले आने को कहा। अब उस लड़के ने सोचा कि यदि मैं डोक्टर को बुलाने जाऊंगा तो उस लड़की के पास समय पर नहीं पहुँच पाउँगा और वो मन में सोचने लगा कि अब क्या करूं।

आखिर में माँ का प्रेम जीत गया और उस लड़के ने माँ के लिए डॉक्टर बुलाना बेहतर समझा। वो भागता हुआ डॉक्टर के पास गया और जल्द ही डॉक्टर को अपनी माँ के इलाज के लिए बुला लाया। डॉक्टर ने उसकी माँ को दवा दी।

अब लड़के ने घड़ी में समय देखा तो केवल 2 मिनट ही बाकि थे। मंदिर पहुँचने के लिए यह समय बहुत कम था लेकिन फिर भी उसने वो अंगूठी अलमारी से निकाली और मंदिर जाने के लिए अपने घर से निकला। अचानक उसे महशुश हुआ कि उसे किसी ने पीछे से पकड़ कर रोक लिया है।

उस लड़के ने पीछे मुड़कर देखा तो वो बहुत चकित रह गया क्योंकि उसे पकड़ने वाली वो लड़की ही थी। इससे पहले की वो कुछ बोल पाता उस लड़की ने उसे गले लगा लिया और कहा – मुझे अब तुम्हारे प्यार पर पूरा विश्वास हो गया है, यदि तुम अपनी माँ को बीमार छोड़कर आते तो मैं तुमसे कभी प्यार नहीं करती क्योंकि मैं पहले ही जानती थी कि तुम्हारी माँ बीमार है और मैंने तुम्हारी परीक्षा ली थी यदि तुम आज मेरे लिए अपनी माँ को छोड़ देते तो कल किसी और लड़की के लिए मुझे भी छोड़ देते। परन्तु तुमने आज जो काम किया है उसने मेरे दिल को जीत लिया है।

यह कहकर लड़की ने अपनी ऊँगली अंगूठी पहनने के लिए आगे बढ़ा दी…
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दोस्तों मेरी इस कहानी को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत  धन्यवाद… अगर इस स्टोरी ने आपके दिल को छुआ हो तो इसे like कर देना। यदि आपको लगे की यह कहानी हर इन्सान तक पहुंचनी चाहिए तो इसे Share करना मत भूलें….

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