आइये पढ़े सच्चा प्यार करने वाले की एक कहानी Aaiye padhen sachcha pyar karne wale ki ek kahani

रवि और रवीना की एक शादी में मुलाकात हुई. दोनों में दोस्ती हुई और दोनों एक दुसरे से मिलने लगे. दोस्ती वक़्त के साथ प्यार मे बदल गई. दोनों साथ में जीने मरने की कसमें खाने लगे. परन्तु उस लड़के का दोस्त शनि भी उस लड़की को चाहता था.

एक दिन रवीना ने रवि को फोन किया. उस समय रवि का फोन शनि के पास था उसने फोन उठाया.
शनि : हेल्लो.
रवीना : रवि कहाँ है?
शनि : वो दुसरे फोन पर किसी लड़की से बात कर रहा है.
रवीना : किस लड़की के साथ.
शनि : अपनी गर्लफ्रेंड के साथ.
यह सुनते ही रवीना फोन काट देती है. रात को रवि अपनी दोस्त रवीना को फोन करता है.
रवि : जान कैसी हो?
रवीना : आज के बाद मुझे जान मत कहना और ना ही फोन करना.
रवि : तुम ऐसे क्यों बोल रही हो, क्या हुआ?
रवीना : मैं तुमसे बात नहीं करना चाहती हूँ और यदि तुमने मुझे दोबारा फोन किया या मुझसे मिलने की कोशिश की तो मैं अपनी जान दे दूंगी. 
यह कहकर रवीना ने फोन काट दिया. अब शनि बहाने बनाकर रवीना से मिलने लगा. दोनों में दोस्ती हो गई. एक दिन शनि ने रवीना को प्रपोज किया. रवीना ने शनि से कहा कि वह केवल रवि से ही प्यार करती है इसलिए वह किसी अन्य के बारे में सोच भी नहीं सकती. 
यह सुनकर शनि को गुस्सा आ जाता है और कहने लगता है कि मैंने तुम्हे पाने के लिए क्या – क्या नहीं किया. तुम्हे और रवि को अलग करने के लिए मैंने झूठ बोला कि रवि किसी और लड़की से प्यार करता है.
यह सुनते ही रवीना ने शनि के गाल पर थप्पड़ जड़ दिया और रवि से मिलने के लिए उसके घर जा पहुंची. उस समय रवि अपनी जिन्दगी की अंतिम सांसे ले रहा था. रवीना यह देखकर फुट – फुट कर रोने लगी. लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी.
शिक्षा :- हमें किसी अन्य की बातों में आकर अपने प्यार पर शक नहीं करना चाहिये. रिश्तें भरोसे से चलते है. जिन रिश्तों में भरोसा ना हो वो रिश्तें नहीं बल्कि समझोते कहलाते है और समझोते हमेशा टूटते है.

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